केरल में दलित प्रवासी मजदूर की भीड़ द्वारा हत्या, पोस्टमार्टम में सिर से पैर तक चोटें,भाजपा/आरएसएस के कई कार्यकर्ता गिरफ़्तार

केरल के पलक्कड़ जिले के वालायर में छत्तीसगढ़ के दलित प्रवासी मजदूर राम नारायण को भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीट कर मार डाला। थ्रिस्सूर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर हितेश शंकर ने बताया कि उनके शरीर पर सिर से लेकर पैर तक गंभीर चोटें थीं, पसलियाँ टूट चुकी थीं और रीढ़ की हड्डी क्षतिग्रस्त थी। अधिकांश चोटें डंडों से लगी थीं और हमला मृत्युकाल के बाद भी जारी रहा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गंभीर सिर की चोटें बताया गया। राम नारायण अपनी पत्नी, दो छोटे बच्चों और मां को पीछे छोड़ गए। वह काम की तलाश में केरल आए थे और अपने कज़िन से मिलने आए थे।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना को मॉब लिंचिंग करार देने और राज्य से न्याय व मुआवजे की मांग की है। परिवार ने चेतावनी दी है कि जब तक मामला मॉब लिंचिंग के रूप में दर्ज नहीं होगा और उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, शव को घर नहीं ले जाया जाएगा।

पुलिस ने घटना में संलिप्त अनु, प्रसाद, मुरली, आनंदन और बिपिन को गिरफ्तार किया है। चार आरोपी भाजपा और RSS से जुड़े हैं। दो आरोपियों का नाम पहले भी हिंसक मामलों में दर्ज है।

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए लाने और वापस भेजने में परिवार से शुल्क वसूला, और ₹25 लाख मुआवजे की मांग की है।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह घटना केरल में साम्प्रदायिकता और घृणा की बढ़ती राजनीति का परिचायक है।

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