इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
दिल्ली की भाजपा सरकार राजधानी के दलित छात्रों को बड़ा तोहफ़ा देने की तैयारी में है। सरकार एक नई कल्याणकारी योजना पर काम कर रही है जिसके तहत प्रतिभाशाली दलित छात्रों को IAS, JEE, मेडिकल (NEET) और अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूरी तरह मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी मेधावी छात्र अवसरों से वंचित न रह जाए। प्रस्तावित योजना में न केवल ट्यूशन फीस का खर्च सरकार उठाएगी बल्कि छात्रों को वजीफा (स्टाइपेंड) और अध्ययन सामग्री देने का भी प्रावधान किया जा सकता है।
गौरतलब है कि 2017 में आम आदमी पार्टी सरकार ने “जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना” शुरू की थी, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों को मुफ्त कोचिंग दी जाती थी। लेकिन बाद में वित्तीय अनियमितताओं और भुगतान में देरी के आरोपों के चलते यह योजना ठप हो गई। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) इस योजना में कथित करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच कर रही है।
सरकार का मानना है कि पिछली योजना की कमियों से सबक लेते हुए नई योजना को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाएगा। इसके लिए कोचिंग संस्थानों के चयन में सख़्त मानक, छात्रों की ऑनलाइन वेरिफिकेशन प्रक्रिया और स्वतंत्र ऑडिट जैसी व्यवस्थाएँ लागू की जा सकती हैं।
सूत्रों के अनुसार SC/ST कल्याण मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह ने विभाग को एक विस्तृत प्रारूप तैयार करने का निर्देश दिया है। वित्त और विधि विभाग से भी राय ली जाएगी, ताकि योजना कानूनी और प्रशासनिक रूप से मजबूत हो। सरकार चाहती है कि योजना को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाए और इसकी औपचारिक घोषणा की जा सके।
राजधानी में रहने वाले दलित छात्रों के लिए यह योजना शिक्षा और करियर की दिशा में एक बड़ा अवसर साबित हो सकती है। हालांकि, इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि योजना कितनी पारदर्शी तरीके से लागू की जाती है और कितने वास्तविक लाभार्थियों तक पहुँच पाती है।